BMI and Cancer Risk in Hindi
बीएमआई संतुलित होने से टल सकता है कैंसर का खतरा
34 वर्षीय वरुण पेशे से बैंकर है। अक्सर 9 घंटे से ज्यादा वक्त तक कुर्सी से जुड़े रहने के कारण उन्हे शरीर के दाएं तरफ भारीपन महसूस होने लगा था। वे जंक फूड ज्यादा खाते हैं। स्मोकिंग और ऑफिस खत्म होने के बाद दोस्तों के साथ शराब भी पीते हैं। उन्हे छाती में दर्द महसूस होने लगा। शुरुआत में लगा कि शायद मसलपुल या थकान के कारण ऐसा हो रहा है। अचानक एक दिन दिल का दौरा पड़ गया। समय पर डायग्नॉज और इलाज होने के कारण वरुण अब ठीक है। डॉक्टर ने ब्लॉक्ड आर्टरीज़ खोलने के लिए न्यू एज ड्रग स्टेंट डाला है। इन दिनों वरुण वजन कम करने में लगें हुए हैं
यह सारी परेशानी मोटापे के कारण हुई है। भारत में मोटापे कि समस्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार पिछले पांच वर्षों में (13-15 वर्ष) युवाओं में मोटापा 16 फीसदी से बढ़कर 29 फीसदी तक पहुंच चुका है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोंगों का बीएमआई 30 या 30 से अधिक है, वे मोटापे से ग्रस्त हैं। जिनका बीएमआई 25 से 29.9 के बीच है, उन्हे ज्यादा वजन की श्रेणी में रखा गया है। जिन लोगों का बीएमआई 18.5 से कम है, वे अंडरवेट यानी जितना वजन होना चाहिए उस से कम है। जिन लोगों का बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच है, वे स्वस्थ हैं। हृदय रोग और उससे होने वाली मृत्यु का सबसे अहम कारण मोटापा है। पेट के इर्द-गिर्द फैट इकट्ठा होने से मेटाबॉलिज़्म पूरी तरह से प्रभावित होता है। ब्लड लिपिड लेवल, ब्लड प्रेशर और इंसुलिन को एब्जॉर्ब करने का नेचुरल प्रोसेस गड़बड़ा जाता है। सही तरीके से इंसुलिन एब्जॉर्ब न करने के कारण डायबिटीज़ और हार्ट डिसीज की संभावना बढ़ जाती है। टाइप-2 डायबिटीज़ से पीड़ित ज़्यादातर लोगों का वजन ज्यादा होता है। हाई बीएमआई के कारण कोरोनरी हार्ट डिसीज का रिस्क दोगुना हो जाता है।
मैनेजमेंट और इलाज : हेल्दी लाफस्टाइल से एनर्जी की कमी नहीं रहती इसके अलावा कई दूसरे फायदे भी होते हैं, जैसे- जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है। सर्कुलेशन सिस्टम मजबूत बनता है। अच्छी तरह से नींद आती है। कई किस्म के कैंसर और हृदय रोग को खुद दूर रखा जा सकता है।
डॉ. बीबी छनाना
हेड, कार्डीयोलोजी
डिपार्टमेन्ट, महाराजा अग्रसेन
हॉस्पिटल, नई दिल्ली
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