Wednesday, 14 October 2015

Tips For Healthy Eye Care in hindi

Tips For Healthy Eye Care in hindi
In Hindi Eye care tips and treatment 


अच्छे विजन के लिए माउस और रिमोट नहीं, बच्चों को दें खेल के मैदान

बच्चों में चश्में का नंबर डायग्नोस नहीं हो पाने के कारण उनकी आंखों की रोशनी कम हो रही है। सही समय पर विजन की स्क्रीनिंग नहीं होने के कारण उनके चश्मा के नंबर डायग्नोस नहीं हो पाता है। इससे उनका विजन इतना कम हो जाता है कि उन्हे दिखना बंद हो जाता है। करीब पचास परसेंट बच्चे इसी वजह से अंधे हो जाते हैं। क्योंकी बच्चे के ब्रेन का सबसे ज्यादा विकास एक साल की उम्र मे ही होता है। वही एडल्ट्स में स्मोकिंग के कारण भी रेटिना पर इतना बुरा असर पड़ता है की विजन प्रभावित होता है।

ब्रेन विकास के लिए जरूरी कैटरेक्ट का इलाज-

माँ को प्रेग्नेंसी में न्यूट्रीशियस डाइट नहीं मिलने से या रूबैला जैसे इंफेक्शन होने से बच्चों में पैदाइशी कैटरेक्ट देखा जा रहा है। बच्चों में सिर्फ सर्जरी ही इसका इलाज है। मॉडर्न टेक्निक से 20 दिन से छोटे बच्चे की आंखों की सर्जरी करके इसे ठीक किया जा सकता है। अगर कैटरेक्ट समय पर नहीं निकाला जाता तो उसके ब्रेन का विकास नहीं हो पाता। साथ ही प्री मैच्योर न्यू बोर्न बच्चे, जिन्हें ऑक्सीज़न थेरेपी पर रखा जाता है, उनकी आंखों के परदे की जांच बेहद जरूरी है। 


धूप नहीं मिलने से भी नजर कमजोर-

जिन पेरेंट्स को चश्मा लगा है, उनके बच्चों में कमजोर नजर होने की संभावना ज्यादा होती है। आंखों का आकार बढने के साथ-साथ चश्मे का नंबर बढ़ता है। इसके अलावा घर के अंदर रहने और धूप नहीं मिल पाने के कारण भी चश्मे का नंबर बढ़ रहा है। पास की चीजों को बिना चश्मे के पूरी ताकत से देखने की कोशिश की जाती है तो भी नंबर बढ़ता है। इसलिए प्री-स्कूल में और हर 6 महीने के अंतराल में आई साइट को चैक जरूर करवाना चाहिए। चश्मे का नंबर बढ़ने से आंखों में तिरछापन आ जाता है। साथ ही उनमें कुछ भेंगापन भी आने लगता है। चश्मा नियमित रूप से पहनने से कुछ तरह का भेंगापन खत्म हो जाता है। भेंगेपन को ऑपरेशन से भी ठीक किया जा सकता है। 


चश्मे का नंबर कैसे घटाएं

बच्चों में सही समय पर कमजोर नजर की जांच न होने पर, दिमाग के साइट सेंटर का विकास प्रभावित होता है। दो साल के बच्चों में आजकल माइनस दस या बारह नंबर तक चश्मा आम हो गया है। यह नंबर बहुत ज्यादा है। चश्मे का नंबर कम करने के लिए पूरा समय चश्मा लगाएं। हाल ही में हुई मेडिकल रिसर्च में सामने आया है कि जो बच्चे टीवी, लैपटॉप और मोबाइल कि स्क्रीन पर लगातार काम करते हैं, उनकी नजर तेजी से कमजोर होती है। इसलिए बच्चों को ज्यादा से ज्यादा आउटडोर एक्टिविटीज में बिजी रखें। स्क्रीन नहीं, खेलने के लिए मैदान और पार्क में भेजें।        

रोशनी बढ़ाने के लिए क्या दें बच्चों को : -

डेयरी प्रोडक्ट्स, अखरोट, अंजीर, बादाम, हरी सब्जी, अल्सी के बीज।

डॉ. समरेश श्रीवास्तव, ऑप्थेल्मोंलॉजिस्ट

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