Uses of Patharchatta plant in Hindi
Patharchatta plant for kidney stone
स्टोन व यूरिन तकलीफ में उपयोगी पत्थरचट्टा
आयुर्वेद में पत्थरचट्टा के पौधे को किडनी से जुड़े रोगों के इलाज में उपयोगी माना गया है। इसे पर्णबीज भी कहते हैं।
पत्थरचट्टा विशेषता : इसके पत्ते को मिट्टी में गाड़ देने से ही यह उस स्थान पर उग जाता है। तासीर में सामान्य होने की वजह से इसका प्रयोग किसी भी मौसम में कर सकते हैं। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।
औषधीय गुण : महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज, पेशाब में जलन व पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या में लाभकारी है। साथ ही इसके सेवन से 10-15 एमएम तक की पथरी पेशाब के जरिये बाहर निकाल जाती है।
ऐसे करे प्रयोग -
इसके 4-5 पत्तों को एक गिलास पानी में पीसकर सुबह-शाम जूस के रूप में लगभग 1-2 माह तक पिएं। जूस के अलावा पत्तों को चबाकर व पकोड़े बना कर भी खाया जा सकता है। स्वस्थ व्यक्ति भी यदि इसके पत्तों का सेवन नियमित रूप से करे तो वह कई परेशानियों से बच सकता है।
-वैद्य जियालाल, आयुर्वेद विशेषज्ञ
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