Stretching methods to Relieve Pain
दर्द से बचने के लिए स्ट्रेचिंग के सही तरीके
कमर के नीचे के हिस्से में दर्द रहने से शरीर के बाकी जोड़ों में भी दर्द होने लगता है। एक निश्चित उम्र में महिलाओं का ज्यादा देर तक एक अवस्था में बैठना परेशानी का सबब बन सकता हैं। स्ट्रेचिंग और स्ट्रेथानिंग कर इससे बचा जा सकता है। ऐसे में रनिंग, जम्पिंग और मार्शल आर्ट्स जैसी एक्टिविटी नहीं करना चाहिए।
दर्द को ऐसे कर सकते हैं कम-
स्टेन और प्रेशर से हिप पेन हो सकता है। इससे आरआईसीई मैथड़ से दूर कर सकते हैं।
आर-रेस्ट: जोड़ों को दो तीन दिन रेस्ट दें। हर तरह के व्यायामसे दूर रहें, जिससे स्ट्रेचिंग भी शामिल हैं।
आई-आइस: आइस पैक हिप जॉइंट के के दर्द में फायदेमंद है। दिने में दो तीन बार 10 मिनट सेकें।
सी-कंप्रेस: जॉइंट को बैंडेज से कंप्रेस करें। ऐसा दो तीन रोज करने से जॉइंट को सपोर्ट मिलेगा।
ई-एलिवेट: लेटने के दौरान पिलो या लोड शरीर के नीचे रख हिप को उठाएं। इससे लोअर बैक और हिप जॉइंट का स्ट्रेस खत्म होगा।
स्ट्रेच करने करने का सही तरीका
स्ट्रेचिंग करने से हिप एरिया और टाइट मसल्स को राहत मिलेगी। इसके लिए टेनिस बॉल और फ़ोम रोलर की जरूरत होगी।
टेंडर स्पॉट्स को आराम: मैट पर बैठकर दोनों घुटनों को मोड दें। अब दायां पैर बायें घुटने पर रखें। अब लेफ्ट हिप के नीचे फ़ोम रोलर रखें। अब हिप को बॉल पर रोल करें। गहरी सांस लेते हुए दो से तीन मिनट ये करें।
स्पाइन को स्ट्रेच करें
एक मोजे में दो टेनिस बॉल डालकर एक बॉल रोलर बना लें। अब पीठ के बल लेट जाएं। पीठ के निचले हिस्से में इसे रखें। रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर। अब इसे धीरे-धीरे दो से तीन इंच ऊपर और नीचे की ओर रॉल करें।
पिंडलियों को दें आराम
पिंडलियों की टाइट मसल्स से वजन हिप्स में पहुंच कर दर्द पैदा कर सकता है। पिंडलियों को स्ट्रेच करने के लिए मैट पर बैठें। दोनों पैरों को सीधा करें। एक पैर की पिंडली के नीचे फ़ोम रोलर रखें। दूसरे पैर को मोड़कर बॉडी को सपोर्ट दें। अब धीरे-धीरे रॉल करें। दोनों पैरों से इसे दोहराएं।
निशा वर्मा, फिटनेस ट्रेनर, नई दिल्ली।
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