Thursday, 3 December 2015

मल्टीपल स्क्लेरोसिस Multiple Sclerosis Cause Symptoms Treatment in Hindi

Multiple Sclerosis Cause Symptoms Treatment in Hindi
मल्टीपल स्क्लेरोसिस

मल्टीपल स्क्लेरोसिस यानी MS क्रॉनिक बीमारी है, जो आपके मस्तिष्क, रीढ़ और आंखों की ऑप्टिक तंत्रिकाओं को प्रभावित करती है। यह दृष्टि, संतुलन, मांसपेशियों पर नियंत्रण तथा शरीर की अन्य सामान्य गतिविधियों में समस्या पैदा कर सकती है। इससे दैनिक कार्य नहीं कर सकते हैं, पर यह लकवे से अलग है।

आमतौर पर एमएस को ऑटोइम्यून रोग समझा जाता है, जिसमें शरीर की रोगप्रतिरोधक प्रणाली ऐसी कोशिकाएं और प्रोटीन (एंटीबॉडीज) बनाने लगती है, जो मायलिन को नुकसान पहुंचाने लगती है, जो मायलिन एक वसायुक्त तत्व है, जो तंत्रिकाओं के फाइबर की रक्षा करता है।

MS की वजह: MS का कारण तो ज्ञात नहीं है, लेकिन केंद्रीय तंत्रिका का यह रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं को 2.5 गुना ज्यादा प्रभावित करता है। यह आनुवांशिक रोग भी नहीं है, लेकिन कुछ लोगों में यह रोग पनपने की आशंका बढ़ाने वाले कुछ आनुवांशिक कारकों की अहम भूमिका भी होती है। धूम्रपान से इसका अधिक खतरा रहता है।

लक्षण: ज़्यादातर मरीजों को पहली बार लक्षण 20-40 वर्ष की उम्र में महसूस होते है। यह तंत्रिकाओं के क्षतिग्रस्त होने वाले स्थान पर निर्भर करता है की किस व्यक्ति पर इस रोग का कितना असर होगा। यह रोग आंशिक, सामान्यता गंभीर हो सकता है। क्षतिग्रस्त होने का मतलब है कि आपका मस्तिष्क आपके शरीर के अन्य हिस्सों को सही तरीके से संदेश नहीं पहुंचा सकता है। इसके परिणामस्वरूप आपकी तंत्रिकाएं भी काम करना बंद कर देती हैं, जबकि इन्हे आपके चलने-फिरने और अहसास करने में मदद करनी चाहिए।

कुछ लक्षण जो जल्दी उभरते हैं- दृस्टी समस्या, ऑप्टिक न्यूराइटिस, आंखों की तंत्रिकाओं में जलन आदि शुरुआती आम लक्षण हैं। मरीज को शुरु-शुरू में धुंधली या दो-दो चीजें नजर आने की शिकायत हो सकती है और आमतौर पर एक एक आंख की समस्या के कारण होता है। जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती है, मरीज की दृष्टि कमजोर हो जाती है। दृष्टिहीनता के मामले बहुत कम ही होते हैं।

सिहरन और संवेदनशून्यता या जलन का अहसास या संवेदना की कमी हो सकती है। अत्यंत गर्मी या ठंडक की अनुभूति। ये लक्षण अक्सर पैरों या बांह के आखिरी छोर से शुरू होते हैं और ऊपर बढ़ते हुए पैर के आरंभ बिंदु तक पहुंच जाते है। मांसपेशियों की कमजोरी और मरोड़, पैरों में कमजोरी, बेचैनी या भारीपन महसूस कर सकता है। उन्हे तेजी से उंगलियां चलाने में भी दिक्कत आ सकती है।

संतुलन और तालमेल बनाने की समस्याएं- मरीज की चाल अनियंत्रित हो जाती है और चलने तथा संतुलन बनाए रखने में दिक्कत आती है। ये समस्याएं चक्कर आने और कंपकंपी जैसे एमएस के अन्य सामान्य लक्षणों के कारण बढ़ सकती है।

थकान: थकान एमएस का सबसे सामान्य और लाचार कर देने वाला लक्षण है। और अक्सर यह रोग की शुरुआत से ही बढ़ने लगती है। यह तकरीबन सभी मरीजों में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण लक्षण है। याद रखें कि सभी मरीजों में सभी लक्षण नहीं होते हैं। साथ ही ज़्यादातर एमएस पीड़ितों को तभी दौरा पड़ता है, जब स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है। इसे रीलैप्स कहते है। समय के साथ यह बीमारी बदतर होती चली जाती है।

जांच: एमएस की जांच एक बड़ी चुनौती होती है, क्योंकि इसके लक्षण भी कई अन्य नर्व डिसऑर्डर की तरह ही होते हैं। दरअसल, किसी एक जांच से साबित नहीं हो सकता कि आप एमएस पीड़ित है। लिहाजा कई प्रकार की जांच करानी पड़ती है, जिनमें शामिल हैं-

रक्त जांच से पता चलता है कि व्यक्ति इससे पीड़ित है या नहीं, क्योंकि इसके कुछ लक्षण एड्स की तरह ही होते हैं। अपने संतुलन, समन्वय, दृष्टि और अन्य गतिविधियों की जांच कराकर देखें कि आपकी तंत्रिकाएं कितनी सक्रियता से काम कर रही है। एमआरआई से शरीर की संपूर्ण तस्वीर साफ हो जाती है। मस्तिष्क और स्पाइनल कॉर्ड में मौजूद द्रव्य सेरेब्रोस्पाइनल फ़्लड (सीएसएफ) कहलाता है। इसकी जांच से रोग का पता लगता है, क्योंकि एमएस पीड़ित लोगों के सीएसएफ में अमूमन खास प्रकार का प्रोटीन पाया जाता है।

इलाज: एमएस का अभी तक कोई खास इलाज नहीं निकला है। लेकिन कई प्रकार के उपचार से आपको अच्छा महसूस हो सकता है। डॉक्टर ऐसी दवाइयां देते है, जिनसे इस बीमारी की रफ्तार प्रक्रिया धीमी हो सकती है।

फ़ैक्ट- यदि किसी के माता-पिता इससे पीड़ित हैं, तो उस व्यक्ति में होने की आशंका तीन फीसदी रहती है।

डॉ. जयदीप बंसल
सीनियर कंसलटेंट,
न्यूरोलोजी, सरोज सुपर
स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली

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