Thursday, 3 December 2015

स्ट्रोक - Stroke Warning Symptoms and Care

What is Stroke and its symptoms
How to cure stroke

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के ताजा डेटा के अनुसार हर वर्ष करीब 17 मिलियन लोगों की कार्डियो वेस्कुलर डिसिज के कारण मृत्यु होती है। इसमें भी हार्ट अटैक और स्ट्रोक सबसे आम है। जो लोग पहले से स्ट्रोक के शिकार है, उन्हे ध्यान रखना चाहिए कि दोबारा स्ट्रोक न हो। स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए डॉक्टर कि मदद से ज्यादा बहुत चीजों की जरूरत है। 

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर स्ट्रोक से राहत मिल सकती है। 60 वर्ष की उम्र के बाद स्ट्रोक के केस आम हैं। 15 से 59 वर्ष के लोगों के बीच स्ट्रोक पांचवां सबसे बड़ा कारण है। 

जब दिमाग तक पहुंचने वाले खून में कोई अड़चन आती है या ब्लड वैसल लीक या बस्ट करते हैं, तभी स्ट्रोक आता है। हाई स्ट्रैस जॉब से भी स्ट्रोक की संभावना तेजी के साथ बढ़ने लगती है। इसके अलावा धूम्रपान, शराब का ज्यादा सेवन, फिजिकल एक्टिविटीज़ कम होनी या खान-पान की आदतें अच्छे न होने के कारण भी स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है। इन कुछ आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से स्ट्रोक के खतरे को टाला जा सकता है। जानिए इसके बारे में-

  • ब्लड प्रैशर और शुगर लेवल पर विशेष ध्यान दीजिए। हाई ब्लड प्रैशर होने के कारण आर्टरीज़ पर दबाव पड़ता है जिससे वे बस्ट हो जाती है नतीजा होता है स्ट्रोक। डायबिटीज़ भी आर्टरीज़ के लिए हानिकारक है। 
  • वजन और बीएमआई को भी कंट्रोल में रखिए। आपका वजन, आइडल वेट से 10 फीसदी ही ज्यादा होना चाहिए। इससे ज्यादा घातक है।
  • धूम्रपन की आदत छोडकर, दूसरे स्ट्रोक के खतरे को टाला जा सकता है। कोई आदत स्ट्रोक के लिए सबसे खराब है तो वे धूम्रपान है। शराब का सेवन कम करिए। क्योंकि शराब पीने से ब्लड प्रैशर बढ़ने लगता है जो स्ट्रोक के लिए घातक साबित होता है। 
  • रिलैक्स रहिए। तनाव को कम करने की कोशिश करिए, क्योंकि तनाव के कारण भी ब्लड प्रेशर बढ़ता है। 
  • पर्याप्त नींद लें और शरीर को रिचार्ज करने के लिए समय-समय पर ब्रेक लें। 
  • एंटिऑक्सीडेंट व फाइबर से भरपूर डाइट खाइए। रोज व्यायाम करिए। वॉक, गार्डनिंग आदि करिए। डॉक्टर से बात करने के बाद वॉटर एरोबिक्स करें।

डॉ. पीएनरंजन
सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोलॉजी,
अपोलो हॉस्पिटल, नई दिल्ली

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