What Is Bronchitis? Causes, Symptoms and Treatments
What Is Bronchitis? Causes, Symptoms and Treatments: What Is Bronchitis? न थमने वाली खांसी का दौर शुरू हो गया है। खांसी के साथ बलगम की शिकायत है। ये बलगम की मात्रा जाड़े मे सुबह के समय ज्यादा होती हो। ये सब लक्षण फेफड़े की Bronchitis नामक बीमारी के है।
| What Is Bronchitis? Causes, Symptoms and Treatments |
ब्रॉनकियकटेसिस फेफड़े के अंदर स्थित श्वास की नलियों की सूजन व मियादी इंफ़ेक्शन है। इसमें श्वास नली की दीवारें इंफ़ेक्शन व सूजन की वजह से अनावश्यक रूप से कमजोर हो जाती है, जिसकी वजह से इनका आकार नलीनुमा न रहकर गुब्बारेनुमा हो जाता है, जिसका परिणाम यह होता है कि श्वास की नालियों में गाढ़े बलगम का भयंकर जमाव हो जाता है, जो नालियों में रुकावट पैदा कर देता है। इस रुकावट की वजह से नालियों से जुड़ा हुआ फेफड़े का अंग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर सिकुड़ जाता है। क्षतिग्रस्त भाग में स्थित फेफड़े को सप्लाई करने वाली धमनी और गिल्टी भी आकार में बड़ी हो जाती है। इन सबका मिला जुला परिणाम यह होता है कि क्षतिग्रस्त फेफड़ा और श्वास नली अपना कार्य सुचारु रूप से नहीं कर पाते और मरीज के शरीर में तरह तरह की जटिलताएं पैदा हो जाती हैं।
Cause of Bronchitis : ब्रॉनकियकटेसिस बीमारी होने का मुख्य कारण छाती में स्थित श्वास नली व उसकी शाखाओं में होने वाला बार बार इंफ़ेक्शन है। इन फेफड़े के बार-बार होने वाले इंफ़ेक्शन में निमोनिया का इंफ़ेक्शन प्रमुख है। अगर इस infection को शुरूआती दिनों में प्रभावी ढंग से रोका नहीं गया तो ब्रॉनकियकटेसिस होने की संभावना होती है। दूसरा कारण TB का infection है। समुचित दवा के बाद टीबी का इंफ़ेक्शन तो नियंत्रण में आ जाता है, पर फेफड़ा व उसमें स्थित श्वास नली पर जाते-जाते स्थिर प्रभाव छोड़ जाता है। इसकी वजह से श्वास नली व फेफड़े की संरचना में बदलाव आ जाता है, जिससे दूसरे किस्म के किटाणु वहां अपना डेरा जमा लेते हैं। धीरे-धीरे श्वास नली के कार्य में बाधा डालते हैं और यहीं से ब्रॉनकियकटेसिस की शुरुआत होती है।
कुछ लोगों में ब्रॉनकियकटेसिस की बीमारी जन्मजात होती है, जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस रोग बच्चों में होने वाली ब्रॉनकियकटेसिस का एक कारण है। कभी-कभी खून में एक जरूरी तत्व ऐल्फा-1 एंटीट्रिप्सिन एंजाइम की कमी होना, रयूमेटाइड आर्थराइटिस और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियां भी ब्रॉनकियकटेसिस के उत्पन्न होने का बड़ा कारण है। कभी-कभी बच्चे अंजाने में चना, मटर या सिक्का या कोई अन्य छोटी वस्तु मुंह में डाल लेते हैं। जो भोजन की नली में न जाकर कभी कभी श्वास नली में चली जाती है और नीचे जाकर फेफड़े में स्थित श्वास नली में जाकर अटक जाती है। यहीं से उस बंद श्वास नली से जुड़े हुए फेफड़े के हिस्से में ब्रॉनकियकटेसिस की शुरुआत होती है।
ब्रॉनकियकटेसिस Symptoms:
- छाती में इंफ़ेक्शन होते रहना। सांस फूलना।
- न थमने वाली और काफी देर तक चलने वाली खांसी जो बेहाल कर दे।
- खांसी के साथ गाढ़ी बलगम का आना।
- केवल सूखी खांसी का निरंतर आना।
- सांस लेते समय छाती में गड़गड़ की आवाज होना।
ब्रॉनकियकटेसिस के प्रभावी इलाज के लिए उसके कारणों को ढूंढ कर उन पर नियंत्रित किया जाए। इस मर्ज के इलाज के लिए antibiotics का सही ढंग से इस्तेमाल होना चाहिए। क्षतिग्रस्त श्वास नली में जमे हुए गाढ़े बलगम को निकालने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए। कुछ विशेष दवाएं कारगर सिद्ध होती हैं। कुछ विशेष शारीरिक मुद्राएं और physiotherapy भी बलगम को बाहर निकालने में मदद करती हैं। इसके इलाज में ऑपरेशन की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
डॉ. केके पाण्डेय
सीनियर वैस्कूलर व
कार्डियो थोरेसिक सर्जन अपोलो अस्पताल, दिल्ली।
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