विटामिन-डी की कमी से होती हैं बीमारीयां -
विटामिन डी Vitamin D Health Benefits in Hindi-Vitamin D Ke Fayde
रोज पंद्रह मिनट धूप (Sun Light) में बैठने से शरीर में होगा विटामिन-डी का उत्पादन
हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन-डी खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन विटामिन-डी का सिर्फ इतना ही काम नहीं है। यह शरीर के बाकी अंगो के लिए जरूरी है। धूप में बैठने से शरीर में विटामिन-डी का उत्पादन शुरू होता है। जबकि ज़्यादातर ऐसा करते नहीं हैं। देश में 80 फीसदी गर्भवती महिलाओं में विटामिन-डी का रक्त काम पाया जाता है। हाल ही में हुए शोध के अनुसार दुनिया में करीब 1 बिलियन लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी है।
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| Vitamin D Health Benefits in Hindi |
According to research - शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी होने से कैंसर, ह्रदय रोग, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, बोन फ्रैक्चर आदि का खतरा कम हो जाता है। महिलाओं को विटामिन-डी के बारे में ज्यादा सचेत रहना चाहिए, क्योंकि ब्रेस्ट मिल्क में इसका अहम योगदान है। गर्भवती महिला में विटामिन-डी का लेवल कम होने के कारण नवजात शिशु में कई बीमारियां जैसे- इन्फेक्शन, अस्तमा, सांस लेने की दिक्कत आदि हो सकती है।
How to get Vitamin D : अगर प्रतिदिन मात्र 15 से 30 मिनट के लिए बाजू और टांगों पर धूप गिरती रहे तो इतने वक्त में शरीर विटामिन-डी बनाने के सक्षम बनता है। अगर ऐसा संभव नहीं हो पा रहा तो जिन खाने की चीजों में विटामिन-डी पाया जाता है, जैसे- फिश लिवर से बने खास किस्म के ऑइल या सैलमन जैसी मछलियों का सेवन करें।
कुछ मशरूम जो सूर्य की रोशनी में बढ़ते हैं, उनमें भी विटामिन-डी भारी मात्रा में पाया जाता है। कुछ देशों में विटामिन-डी को खाने में फोर्टिफाय किया जा रहा है। शोध के अनुसार- हाई बेकिंग टेम्प्रेचर पर विटामिन-डी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। इसलिए इसे उसी फॉर्म में आसानी से खाया जा सकता है। ऐसे में ब्रेड को विटामिन-डी के लिए फोर्टिफाय किया जा सकता है।
शरीर में विटामिन-डी की कमी के कारण हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में हुए शोध के अनुसार जिन लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी होती है, उनका ब्लड प्रेशर ज्यादा रहता है। शरीर में 10 फीसदी विटामिन-डी कंसन्ट्रेशन बढ़ने से हाइपरटेंशन की समस्या कम हो सकती है। यह शोध यूरोप और उत्तरी अमेरिका के करीब 1.55 लाख लोगों पर किया गया था। इसलिए खान-पान की ओर विशेष ध्यान दें।
डॉ॰ विकास साहनी, क्लीनिकल
कार्डियोलॉजिस्ट व रिसर्चर,
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल

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