Friday, 8 January 2016

Curly Hair Care Tips in Hindi

ऐसे करे कर्ली बालों को सही तरीके से मैनेज  -Natural Curly Hair Care Tips in Hindi


Read Natural Curly Hair Care Tips: कर्ली बालों को सही तरीके से मेंटेन करने और उनकी खूबसूरती बढ़ाने के कुछ आसान तरीक

बाल soft रहें इसके लिए आपको जरूरत है conditioner की। जब भी शैम्पू करें, तो उसके बाद hair conditioner लगाएं। 

क्या आप बालों को सुखाने के लिए रोज hair dryer इस्तेमाल करती है? अगर ऐसा है तो ये curly hairs के लिए सही नहीं है। dryer के बिना काम नहीं चलता तो आप ऐसे dryer खरीदें जिसमें डिफ्यूजर हो। इससे बालों पर ज्यादा एरिया में गरम हवा फैलती हैं, जिससे बाल महफूज रहते हैं। 
curly hair care tips
Curly Hair Care Tips
कर्ली बालों में सबसे जरूरी होता सही समय पर सुलझाना, क्योंकि ड्राय बालों में कंघी करने से बालों को ज्यादा नुकसान होगा। बालों को उस वक्त सुलझाएं जब वो गीले या हल्के गीले हों। 

बालों को धोने के बाद कभी भी उसे भारी-भरकम मोटे तौलिए में न लपेटें। ऐसा करने पर बाल टूटने लगते हैं। हाथों से बालों के पानी को निचोड़कर निकाल दें। फिर बालों को किसी पतले और नरम तौलिए में लपेटें। अगर ऐसा तौलिए नहीं है तो आप उसकी जगह old cotton T-shirt का इस्तेमाल का सकते हैं। 

Moisture की कमी होने से कई बार curly hair अजीब से दिखते हैं। बालों में moisture बनाए रखने के लिए हफ्ते में एक बार किसी अच्छे hair mask का इस्तेमाल करें। घर में हेयर मास्क बनाना का चाहती हैं तो 2 चम्मच दही को 1 चम्मच ऑलिव ऑइल या बादाम के तेल के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर सकती हैं। 

Hair brush उन बालों के लिए सही है जो बैठे होते हैं। कर्ली बालों को कंघी करने के लिए अपनी उगलियों का इस्तेमाल करें। इसके अलावा चौड़े-दांतों वाली कंघी का भी प्रयोग किया जा सकता है। 

रूखापन और बालों में शाइन की कमी होना कर्ली बालों की एक बड़ी समस्या है। चमक बनाए रखने के लिए शैम्पू करते वक्त ठंडे या हल्के गर्म का इस्तेमाल करें। गरम पानी का इस्तेमाल करने से बाल झाड़ू जैसे रूखे दिखते हैं। 

कॉटन का तकिया कवर इस्तेमाल करने से बाल उसमे चिपककर टूट जाते हैं। ये बालों का नेचुलर ऑइल और मॉइश्चर खींचकर उन्हें रूखा और बेजान बना देता है। सिल्क और साटिन का कवर बालों का टूटना कम करता है। 

बाल काटने के दूसरे दिन ही बाल ऐसे लगते हैं जैसे कोई हेयर कट कराया ही न हो। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्लर में बाल गीले कर के कटे जाते हैं। जब भी कर्ली बालों को कटवाने जाए तो हमेशा ड्राय कटिंग ही कराएं।



Osteomyelitis -Do not Avoid fever and pain in children

Osteomyelitis - Do not Avoid fever and pain in children - बच्चों में बुखार व तेज दर्द को न टालें 


Do not Avoid fever and pain in children: बच्चों में सर्दी के साथ तेज बुखार, किसी विशेष अंग में तेज दर्द, सूजन व अंग लाल हो जाए तो यह Osteomyelitis (हड्डी का संक्रमण)  की समस्या हो सकती है। देर किए बैगर चिकित्सक से परामर्श करें। यदि समय रहते इसकी पहचान कर इलाज करा लिया जाए तो दवाओं से ठीक हो सकती है। लेकिन अधिक समय तक अनदेखी करने या सही इलाज न मिल पाने की स्थिति में हड्डी में विकृति भी आ सकती है।

हालांकि विकृति के बाद भी कई तकनीकों से इलाज संभव है। इनमें से एक एडवांस्ड तकनीक है ऑर्थो एसयूवी (एक कम्प्यूटर बेस्ड प्रोग्राम) इसका प्रयोग हाथ पैरों की विकृति ठीक करने के लिए किया जाता है। 

हाल ही एक 13 वर्षीय किशोर के पैर की विकृति ठीक करने के लिए पहली बार प्रयोग किया गया। इसमें रोगी को एसयूवी फ्रेम पहनाया जाता है। इस फ्रेम में छह डिस्ट्रेक्टर (रॉड) होते हैं जो हड्डी का आकार बढ़ाने-घटाने में सहायक होते हैं। फ्रेम पहनाकर मरीज की मौजूदा स्थिति की पूरी जांच की जाती है व सारी जानकारी जैसे अंग कितना बड़ा-छोटा है या कितना टेढ़ा है आदि सॉफ्टवेयर मे फीड कर दी जाती है। समान्यत: करीब एक इंच हड्डी को बढ़ाने, सीधा व मजबूत करने में तीन माह का समय लगता है। 

मरीज को फ्रेम कब तक पहनना है, जरूरत के हिसाब से विशेषज्ञ इसका निर्धारण करते हैं। इस बीच मरीज को डिस्ट्रेक्टर का आकार बढ़ाना-घटाना होता है। किस डिस्ट्रेक्टर को कब और कितना बड़ा-छोटा करना है यह जानकारी सॉफ्टवेयर में फीड डाटा से मिलती है। चिकित्सक इसका विस्तृत ब्योरा प्रिंटआउट के रूप में मरीज को देकर घर भेज देते हैं। इस बीच कोई परेशानी न हो इसके लिए उसे कुछ समय के अंतराल पर फॉलोअप के लिए बुलाते हैं। एक बार पूरी तरह ठीक होने के बाद वह समान्य जीवन जी सकता है। 


डॉ. डी. एस. मीणा,  
सीनियर प्रोफेसर,
SMS

दमा Asthma Precautions in Hindi

सीओपीडी (chronic obstructive pulmonary disease) means दमा Asthma Precautions in Hindi 

दमा में धूम्रपान से सांस नली में बढ़ती है सूजन 

दमा Asthma Precautions  - COPD (chronic obstructive pulmonary disease) दमा सांस संबंधी रोग है। इसमें श्वसन लेने में तकलीफ, बार-बार खांसी व कफ आने की समस्या होने लगती है। यदि ऐसे मरीज कुछ बातों का ध्यान रखें तो बीमारी को बढ़ने से रोक सकते है-

धूम्रपान करने से सांसनली में सूजन बढ़ती है जिससे कफ की समस्या भी अधिक हो जाती है इसलिए इससे पूरी तरह परहेज करें। साथ ही धूम्रपान करने वाले लोगों से भी दूरी बनाएं। 

दमा Asthma Precautions in Hindi

परफ्यूम, डिओ, क्लीनिंग स्प्रे या किसी अन्य तरह की तेज गंध, धूल व धुएं से बचें। इनसे दमा के अटैक का खतरा बढ़ने की आशंका रहती है। 

ऐसे लोग खाने में प्रोटीनयुक्त आहार जैसे दालें, सोयाबीन व हरी सब्जियां लें और अधिक से अघिक पानी पिएं। 

योग-प्राणायाम व एक्सरसाइज को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। 

विशेषज्ञ के निर्देशानुसार समय पर दवाएं, इन्हेलर प्रयोग करें। 

  डॉ॰ एम॰ के॰गुप्ता 
  एलर्जी व चेस्ट विशेषज्ञ       




Skin Care Treatment micro needling in Hindi

Skin Care Treatment in Hindi - चमकती त्वचा के लिए नेचुरल तरीके Treatment


Skin Care Treatment in Hindi: दमकती त्वचा के लिए मार्केट में कई अल्टरनेटिव ब्यूटी ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं। कितने फायदेमंद हैं ये नेचुरल तरीके - 

ट्रीटमेंट : Micro Needling -

क्या है - ये smooth skin के लिए painless प्रोसिजर है। इसमें needle covered device को चेहरे पर घुमाया जाता है, जिससे त्वचा में छोटे-छोटे, टेम्पररी प्रिक्स आएं। इससे बेहतर बनता है। त्वचा भी tight होती है। 

फायदेमंद है क्या - इससे कोलेजन का उत्पादन बढ़ता है। झुर्रियों का असर भी कम होता है। एकेन के निशानों से छुटकारा मिलता है। एक माह तक ऐसा करने से त्वचा लंबे समय तक युवा दिखने लगती है। जिन लोगों की त्वचा सेंसेटिव या पतली होती है, उनकी त्वचा पर यह तरीका फायदेमंद रहता है, लेकिन इस तरीके को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 
Skin Care Treatment micro needling in Hindi

ट्रीटमेंट : क्लेन्ज

क्या है - रेगुलर डाइट पर पाबंदी लगाने से चेहरे की चमक लौट आती है। 

फायदेमंद है क्या - जूस या फ्रूट डाइट पर आने से शरीर में से टॉकिसन्स निकल जाते हैं। digestive system को आराम मिलता है। खाना न खाने से वो चीजें भी दूर हो जाती हैं, जिनसे skin tissue प्रभावित होते हैं। जूस या फलों का सेवन करने से शरीर को पौष्टिक तत्व मिलते हैं। कुछ दिन कॉफी, शुगर, डेयरी प्रोडक्ट, मीट का सेवन न करने से चेहरे पर चमक लौट आती है।