Wednesday, 24 February 2016

डायबिटीज Diabetes Symptoms Prevention and Treatment

डायबिटीज  Diabetes Symptoms Prevention and Treatment
डायबिटीज : पहले ही करें कंट्रोल

डायबिटीज Diabetes Symptoms Prevention and Treatment: 7% अतिरिक्त शरीर का वजन संतुलित आहार की मदद से कम करने पर डायबीटिज होने का 58 फीसदी खतरा कम हो जाता है। (स्त्रोत : यूएस बेस्ड प्रिवेंशन प्रोग्राम के अनूसार)

डायबिटीज नहीं हुई है पर होने की संभावना है, ऐसे में इन बातों को अपनाकर डायबिटीज से बच सकते हैं...

अगर डायबिटीज नहीं हुई है लेकिन ब्लड शुगर लेवल डायबिटीज के खतरे के निशान के आसपास है तो डायबिटीज कभी भी हो सकती है। शुगर के स्तर को नियंत्रित करके आप टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट स्ट्रोक और हृदय रोगों को होने से पहले ही रोक सकते हैं।

मिश्रित अनाज से बना भोजन कीजिए-

लो जीआई (ग्लाइसीमिक इंडेक्स) फूड खाने से मीठा खाने की इच्छा भी कम होती है। इसलिए खाने में कोई एक अनाज लेने की बजाए गेहूं, रागी, बाजरा, ज्वार, चना आदि शामिल करें। खाने में अलग-अलग तरह की दालों का सेवन करने से विटामिन और मिनरल्स मिल जाता है। रोजाना 2 ग्राम दालचीनी शामिल करने से डायबिटीज और प्री डायबिटीज वाले दोनों लोगों को फायदा होगा। यह ब्लड शुगर लेवल को कम करती है।

ब्लड शुगर का स्तर जांचते रहिए-

जिनका कद के अनुसार वजन 25 से ज्यादा है और घर में वंशानुगत तौर पर कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप के साथ डायबिटीज है या फिर गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज थी। तो ब्लड शुगर की जांच कराते रहना चाहिए।

व्यायाम करने से होगा फायदा-

20 मिनट तक अपनी कुर्सी पर बैठे रहने के बाद एक बार जरूर अपनी जगह से उठकर थोड़ा चलें। यह ब्लड शुगर को बढ़ाने से रोकेगा। खाने के बाद इंसुलिन को बढ़ाने वाली मांसपेशियां ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। जिम में सप्ताह में 150 मिनट कार्डियो और वेट ट्रेनिंग करने से फायदा होगा। रोजाना 30 मिनट पैदल चलना भी अच्छा व्यायाम है।

कम सोने से बढ़ सकता है शुगर लेवल-

जो लोग 6 साल तक सप्ताह में 1 दिन 6 घंटे से कब सोते हैं उन्हे डायबिटीज होने का खतरा 4 गुना ज्यादा होता है। जो लोग सप्ताह में 4 दिन 4.5 घंटे की नींद लेते हैं। उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।

दवाइयां ले सकते हैं-

मेटफॉरिन दवाई टाइप-2 डायबिटीज के मरीज ले सकते हैं। जो ग्लूकोज को कम करने और इंसुलिन की सेंसेटिविटी को बढ़ाती है। अगर उम्र 45 साल से कम है और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 35 से ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह पर लें।

ज्यूडिथ फ़्रेडकिन, एमडी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज, डाइजेस्टीव एंड किडनी डिसीज बेठेस्डा मैरीलैंड, अमेरिका

आयोडीन iodine health benefits and Food Supplements

आयोडीन iodine health benefits and Food Supplements

Importance of iodine in the human body : सेहत खाने में आयोडीन का होना बहुत जरूरी है, लेकिन यह नमक के अलावा और भी चीजों में पाया जाता है। 

खाने में आयोडीन क्यों और कितना लेना फायदेमंद- 

आयोडीन हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत जरुरी है, गर्भावस्था के दौरान ही इसकी ज़रूरत पड़ती है। इसकी कमी से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है। आयोडीन बढ़ते शिशु के दिमाग के विकास और थायराइड ग्रंथी को सुचारु करने के लिए बहुत जरूरी है। इसकी हमारे शरीर के विकास एवं जीवन के लिए बहुत थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है। आयोडीन हमारे शरीर के तापमान को भी विनियमित करता है। इसलिए आयोडीन की कमी शरीर में न होने दें। जिन लोगों को थायराइड, उच्च रक्तचाप या अन्य कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो आयोडीन के सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए।

आयोडीन iodine health benefits and Food Supplements

कितनी मात्रा है आवश्यक-

आयोडीन के सेवन का मतलब यह नहीं कि आयोडीन ही खाते रहें। एक व्यक्ति को रोजाना एक छोटे चम्मच से भी कम आयोडीन की आवश्यकता होती है। चूंकि आयोडीन शरीर में जमा नहीं रह सकता, इसलिए इसे रोजाना लेना जरूरी है। डब्ल्यूएचओ ने व्यक्ति के शरीर की आवश्यकता के हिसाब से आयोडीन की मात्रा का निर्धारण किया है। गर्भवती महिलाओं को 200-220 माइक्रोग्राम, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 250-290 माइक्रोग्राम, 1 वर्ष से छोटे शिशुओं को 50-90 माइक्रोग्राम, 1-11 वर्ष के बच्चों के लिए 90-120 माइक्रोग्राम और वयस्कों तथा किशोरों के लिए 150 माइक्रोग्राम आयोडीन प्रतिदिन लेना चाहिए।

Natural Source of Iodine ये हैं आयोडीन के प्राकृतिक स्त्रोत -

आलू - 

आलू में आयोडीन पाया जाता है। बिना छिले आलू को पकाकर या उबालकर सेवन करने से 60 माइक्रोग्राम आयोडीन मिलता है। सभी प्रकार के आलू में आयोडीन पाया जाता है, लेकिन जैविक खेती से तैयार आलू को आयोडीन का सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है।

सेंधा नमक-

इस नमक को भूरे यानी ग्रे सॉल्ट के रूप में भी जाना जाता है। यह आयोडीन का बहुत अच्छा स्त्रोत है। हालांकि सभी प्रकार के प्रसंस्कृत नमक में आयोडीन की भरपूर मात्रा होती है। जैविक और अप्रसंस्कृत हिमालयन नमक में लगभग 500 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है।

करौंदा-

करौंदा कहीं गुणों से युक्त है। इसे एंटीबायटिक का अच्छा स्त्रोत मानते हैं, साथ ही इसमें आयोडीन की भरपूर मात्रा भी होती है। केवल 100 ग्राम करौंदे में 400 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है आप इस के ताजे फलों का सेवन कर सकते हैं इसका जूस भी फायदेमंद है।

सेम-

सेम में आयोडीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। केवल आधा कप सेम में 32 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है। सेम से न केवल आयोडीन मिलता है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हैं। इनमें फाइबर पाया जाता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।

केल्प या समुद्री शैवाल-

केल्प या अन्य समुद्री शैवाल में आयोडीन पाया जाता है। केवल केल्प में ही इतना अधिक आयोडीन होता है कि वह दूसरे अन्य फलों से चार गुना अधिक है। इनका सेवन सलाद, सूप या अन्य व्यंजनों में प्रयोग किया जा सकता है। दाल, दूध, मछली और खाने योग्य समुद्री जीव मास तथा अंडों में भी आयोडीन होता है।

डॉ. अंजलि हुड्डा सांगवान, एमडी इंटरनल मेडीसिन यूएसए, कंसल्टेंट मेटाबॉलिक मेडिसिन एंड न्यूट्रीशियन, दिल्ली

सिंघाड़ा Singhara (Water caltrop) Health Benefits

सिंघाड़ा (Water caltrop) Health Benefits Home Remedy

सिंघाड़ा (Water caltrop) Health Benefits Home Remedy: दाद : नींबू के रस में सूखे सिंघाड़े को घिस कर लगायें। पहले तो कुछ जलन लगेगी, फिर ठंडक पड़ जाएगी। कुछ दिन इसे लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
सिंघाड़ा Singhara (Water caltrop) Health Benefits
सिंघाड़ा Singhara (Water caltrop) Health Benefits
सिंघाड़े में आयोडीन अधिक होता है। गले के रोग, टॉन्सिल आदि में इसे खाना चाहिए।

गर्भाशय की निर्बलता से गर्भ नहीं ठहरता, गर्भस्राव हो जाता हो तो कुछ सप्ताह ताजे सिंघाड़े खाने से लाभ होता है।

प्रदर : सिंघाड़े के आटे का हलुआ खाने से श्वेत प्रदर एवं रोटी खाने से रक्त-प्रदर ठीक हो जाता है।

चौलाई Chaulai Green Amaranth Leaves Ke Fayde

चौलाई Green Amaranth Leaves Health Benefits Fayde

चौलाई (chaulai benifits) Home Remedy Green Amaranth Leaves Health Benefits Fayde: चौलाई का रस गठिया, ब्लडप्रेसर और ह्रदय के रोगियों के लिए लाभदायक है। इसकी सब्जी भी खाई जा सकती है। पेट के रोग, कब्ज़ और बाल गिरने पर चौलाई की सब्जी खाना लाभदायक है।


पथरी : चौलाई के पत्तों का साग नित्य खाते रहने से पथरी गल जाती है।

रक्तचाप, बलगम, बवासीर, गर्मी के दुष्प्रभाव चौलाई की सब्जी नित्य खाने से ठीक हो जाते हैं।

भूख : चौलाई का साग भूख बढ़ाता है। इसमें सोना (Gold) पाया जाता है।

पागल कुत्ते के काटने के बाद व्यक्ति जब पागल हो जाये, स्वयं ही दूसरों को काटने लगे, ऐसी अवस्था में काँटे वाली जंगली चौलाई की जड़ 50 ग्राम से 125 ग्राम तक पीसकर पानी में घोलकर बार-बार पिलाने से मरता हुआ रोगी बच जाता है। यह विष-नाशक है। हरेक दंश पर लेप करें। 

चौलाई का शाक रूखा होता है। चौलाई का शाक नशा और विष के प्रभाव को नष्ट करता है। रक्तपित्त में लाभदायक है