आयोडीन iodine health benefits and Food Supplements
Importance of iodine in the human body : सेहत खाने में आयोडीन का होना बहुत जरूरी है, लेकिन यह नमक के अलावा और भी चीजों में पाया जाता है।
खाने में आयोडीन क्यों और कितना लेना फायदेमंद-
आयोडीन हमारे शरीर के विकास के लिए बहुत जरुरी है, गर्भावस्था के दौरान ही इसकी ज़रूरत पड़ती है। इसकी कमी से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है। आयोडीन बढ़ते शिशु के दिमाग के विकास और थायराइड ग्रंथी को सुचारु करने के लिए बहुत जरूरी है। इसकी हमारे शरीर के विकास एवं जीवन के लिए बहुत थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है। आयोडीन हमारे शरीर के तापमान को भी विनियमित करता है। इसलिए आयोडीन की कमी शरीर में न होने दें। जिन लोगों को थायराइड, उच्च रक्तचाप या अन्य कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो आयोडीन के सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए।
कितनी मात्रा है आवश्यक-
आयोडीन के सेवन का मतलब यह नहीं कि आयोडीन ही खाते रहें। एक व्यक्ति को रोजाना एक छोटे चम्मच से भी कम आयोडीन की आवश्यकता होती है। चूंकि आयोडीन शरीर में जमा नहीं रह सकता, इसलिए इसे रोजाना लेना जरूरी है। डब्ल्यूएचओ ने व्यक्ति के शरीर की आवश्यकता के हिसाब से आयोडीन की मात्रा का निर्धारण किया है। गर्भवती महिलाओं को 200-220 माइक्रोग्राम, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 250-290 माइक्रोग्राम, 1 वर्ष से छोटे शिशुओं को 50-90 माइक्रोग्राम, 1-11 वर्ष के बच्चों के लिए 90-120 माइक्रोग्राम और वयस्कों तथा किशोरों के लिए 150 माइक्रोग्राम आयोडीन प्रतिदिन लेना चाहिए।
Natural Source of Iodine ये हैं आयोडीन के प्राकृतिक स्त्रोत -
आलू -
आलू में आयोडीन पाया जाता है। बिना छिले आलू को पकाकर या उबालकर सेवन करने से 60 माइक्रोग्राम आयोडीन मिलता है। सभी प्रकार के आलू में आयोडीन पाया जाता है, लेकिन जैविक खेती से तैयार आलू को आयोडीन का सबसे अच्छा स्त्रोत माना जाता है।
सेंधा नमक-
इस नमक को भूरे यानी ग्रे सॉल्ट के रूप में भी जाना जाता है। यह आयोडीन का बहुत अच्छा स्त्रोत है। हालांकि सभी प्रकार के प्रसंस्कृत नमक में आयोडीन की भरपूर मात्रा होती है। जैविक और अप्रसंस्कृत हिमालयन नमक में लगभग 500 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है।
करौंदा-
करौंदा कहीं गुणों से युक्त है। इसे एंटीबायटिक का अच्छा स्त्रोत मानते हैं, साथ ही इसमें आयोडीन की भरपूर मात्रा भी होती है। केवल 100 ग्राम करौंदे में 400 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है आप इस के ताजे फलों का सेवन कर सकते हैं इसका जूस भी फायदेमंद है।
सेम-
सेम में आयोडीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। केवल आधा कप सेम में 32 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है। सेम से न केवल आयोडीन मिलता है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हैं। इनमें फाइबर पाया जाता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है।
केल्प या समुद्री शैवाल-
केल्प या अन्य समुद्री शैवाल में आयोडीन पाया जाता है। केवल केल्प में ही इतना अधिक आयोडीन होता है कि वह दूसरे अन्य फलों से चार गुना अधिक है। इनका सेवन सलाद, सूप या अन्य व्यंजनों में प्रयोग किया जा सकता है। दाल, दूध, मछली और खाने योग्य समुद्री जीव मास तथा अंडों में भी आयोडीन होता है।
डॉ. अंजलि हुड्डा सांगवान, एमडी इंटरनल मेडीसिन यूएसए, कंसल्टेंट मेटाबॉलिक मेडिसिन एंड न्यूट्रीशियन, दिल्ली

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