Tuesday, 5 January 2016

Pregnancy Trimester Stages and Week

Pregnancy Trimester Stages गर्भावस्था तीन ट्राइमेस्टर 
डिलवरी में न आए परेशानी इसलिए ये हफ़्तेवार प्लान 

पहला ट्राइमेस्टर - ( 0-12 वां सप्ताह ) Week 1 through week 12
दूसरा ट्राइमेस्टर - ( 13वें से 26वें सप्ताह )  week 13 to week 27
तीसरा ट्राइमेस्टर - ( 27वें से 40वां सप्ताह ) week 28 to the birth

Pregnancy Trimester Stages - गर्भावस्था के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखने और व्यायाम करने से गर्भावस्था हर स्त्री के लिए और भी सुखद अनुभव बन जाएगा। गर्भावस्था 40 सप्ताह की होती है। इन 40 सप्ताहों को तीन ट्राइमेस्टरों में बांटा गया है। इन 40 सप्ताहों में गर्भवती महिला का वजन 10-15 किलोग्राम बढ़ाना जरूरी होता है। इससे कम या ज्यादा होने पर विशेषज्ञों की सलाह लें। 

Pregnancy trimester
Pregnancy trimester Stages
पहला ट्राइमेस्टर - ( 0-12 वां सप्ताह ) जिस सप्ताह मासिक चक्र नहीं होता, उससे 12वें सप्ताह तक का समय। इस दौरान उल्टी होना, जी घबराना आम समस्याएं हैं। उसकी रोकथाम के लिए समय पर भोजन करें, सम्पूर्ण आहार लें, अधिक मात्रा में पानी पीएं, खुद को ठंडा रखें, और थकावट महसूस होने पर आराम करें। कुछ हल्के-फुल्के व्यायाम करें- जैसे टहलना, (10-15 मिनट), स्ट्रेचिंग, नाक से गहरी सांस भरना और मुंह से छोड़ना, पैरों के पंजे चलाना, कीगल्स एक्सरसाइज (पेल्विक फ्लोर स्ट्रेन्थनिंग एक्सरसाइज) करिए। व्यायाम के दौरान नमक, शक्कर, पानी का घोल पीते रहिए और व्यायाम के पहले व बाद में थोड़ नाश्ता जरूर करें। 

दूसरा ट्राइमेस्टर - ( 13वें से 26वें सप्ताह ) इस दौरान बच्चे का विकास अधिक तेजी से होता है। बच्चे को अधिक मात्रा में आयरन और पोषक तत्वों की जरूरत रहती है, इसलिए सम्पूर्ण आहार लें। विशेषज्ञ की सलाह से आयरन सप्लीमेंट्स खाएं। इस दौरान गर्भवती स्त्री के शरीर को प्रसव के लिए तैयार करता है एवं यह हॉर्मोन जोड़ों पर भी प्रभाव डालता है, जिसके कारण मोच आना, संतुलन बिगड़ना एवं गिरना अमूनन हैं। इसलिए व्यायाम करते समय सावधानी बरते अच्छे सपोर्टिव जूते पहनें, शरीर को थकने न दें, भरपूर नींद लें, हल्के-फुल्के व्यायाम करें। खुदे को ठंड और शांत रखें।

तीसरा ट्राइमेस्टर - ( 27वें से 40वां सप्ताह ) 38वें से 42वें सप्ताह के बीच होने वाले प्रसव को फुल टर्म डिलीवरी कहते हैं। 36वें सप्ताह से पहले का प्रसव प्री-मेच्योर डिलिवरी कहलाता है। इस ट्राइमेस्टर में गर्भ का आकार बढ़ने से कमर दर्द से राहत के लिए उचित व्यायाम और आराम करें। पूरी नींद लें। थोड़ा-थोड़ा खाते रहें। अधिक मात्रा में पानी, सलाद-सब्जियों और फलों से सेवन से कब्ज दूर होगी। पंजो की सूजन के लिए पैरों को 2 तकियों पर ऊंचा रखें और पंजे 30 मिनट तक चलाएं। 



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